विधायक से लगाई गुहार: कर्मचारी वेतन बढ़ोतरी न होने से खफा, मुख्यालय को दिया संशोधन का नोटिस

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सोनीपत6 घंटे पहले

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भारत सरकार ने वर्ष-2009 में देश में महिलाओं और बच्चों के उत्तम स्वास्थ्य व सुविधा देने के लिए डीसीपीयू का गठन किया था। जिसके अधीन डीसीपीओ से लेकर विभिन्न कर्मचारियों की नियुक्ति की गई थी। इस समय कुछ कर्मचारियों को चार हजार रुपए महीना वेतनमान दिया जाता था। गाइडलाइन के तहत तीन साल में वेतन आदि रिवाइज होने की बात कही गई थी। वर्ष-2012 में स्कीम को रिवाइज करते हुए कुछ कर्मियों के वेतन में बढ़ोतरी कर न्यूनतम वेतन आठ हजार कर दिया गया। वर्ष-2020 में प्रदेश सरकार ने सभी डीसी से इन कर्मचारियों के पदानुसार डीसी रेट फिक्स कर भेजने का निर्देश दिया। प्रदेश के सभी जिलों के डीसी ने यह फाइल मुख्यालय को नवंबर-2020 में भेज दिया। लेकिन आज तक यह लागू नहीं हो पाया।

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शुक्रवार को कर्मचारियों ने विधायक मोहन लाल बड़ोली से सम्मानजनक वेतन दिलाने का आग्रह किया। विधायक ने आश्वस्त किया कि वह तत्काल ही मामले में मुख्यमंत्री से मिलकर बातचीत कर आवश्यक कार्रवाई करेंगे। हाल ही में केंद्र सरकार ने इनके दो हजार रुपए की बढ़ोतरी कर लागू करने का आदेश दे दिया। जिस पर प्रदेश भर के कर्मचारी नाराज हो गए। सभी एकजुट होकर डायरेक्टर के पास पंचकूला पहुंच गए और डीसी रेट की सिफारिश को तत्काल प्रभाव से लागू करने के लिए नोटिस दिया है। विभागीय कर्मचारी जाेगिंदर, अमरजीत, बबिता शर्मा, संगीता, राहुल, राजेश, उपासना, प्रेमलता, रविता आदि ने डायरेक्टर को दिए गए पत्र में कई हवाला दिया है। कर्मियों ने कहा कि वर्ष-2009 में विभाग के पास नाममात्र काम था। महीने में 100 केस आते थे। लेकिन अब महीने में पांच हजार केस से अधिक विभिन्न स्कीमों में कवर किया जा रहा है। कर्मचारियों की न तो संख्या में वृद्धि हुई और न ही वेतन भत्तों में वृद्धि हुई है।

वहीं, सोनीपत कार्यालय में कार्यरत कर्मचारियों ने राई के विधायक मोहन लाल बड़ोली से सिफारिश की अपील की है। विधायक ने कहा कि कर्मियों को कम से कम डीसी द्वारा सिफारिश किया गया वेतन तत्काल प्रभाव से दिलाने के लिए मुख्यमंत्री से बातचीत करुंगा।

यह कार्य विभाग के अधीन
जिला बाल संरक्षण इकाई कार्यालय द्वारा प्रदेश भर में कार्य किया जा रहा है। मूलरूप से बच्चों और महिलाओं के लिए यह विभाग कार्य करता है। जिसमें पीएम केयर, एक्सग्रेशिया, बाल स्वराज पोर्टल, एसआईआर, सीएनसीसी केस, चाइल्ड बैगिंग, चाइल्ड लेबर, मिसिंग चाइल्ड की खोजबीन, सीसीआई की इंसपेक्शन, बच्चों की बरामदगी और सुपुर्दगी आदि कार्य किए जाते हैं। जिसके लिए विभाग में डीसीपीओ, पीओ, एलपीओ, काउंसलर, सोशल वर्कर, आउटरीच वर्कर, अकाउंटेंट आदि कार्यरत हैं।

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