47 वर्ष बाद अब बहेगी मीठे पानी की धारा: किसानों की डिमांड को नोटिस करते हुए ड्रेन नंबर-8 में मीठे पानी की आपूर्ति की जाएगी, डिस्ट्रीब्यूटरी की खत्म हुई टेल को तलाशेंगे अधिकारी

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राेहतक2 घंटे पहलेलेखक: राजेश कौशल

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ड्रेन 8 में फैक्ट्रियों का केमिकल युक्त जहरीला पानी बहता हुआ। - Dainik Bhaskar

ड्रेन 8 में फैक्ट्रियों का केमिकल युक्त जहरीला पानी बहता हुआ।

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वर्ष 1975 से पहले ड्रेन नंबर-8 निर्मल पानी से आबाद थी। जेएलएन नहर का निर्माण होने के बाद से उपेक्षा का शिकार हुई यह ड्रेन नाले में तब्दील हो गई है। फिलहाल इसमें औद्योगिक इकाइयां का केमिकल युक्त जहरीला पानी बहाया जा रहा है। लेकिन अब इतिहास बदलने वाला है। 47 वर्ष बाद ड्रेन नंबर-8 में मीठे पानी की धारा बहेगी। हरियाणा के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी देवेंद्र सिंह ने टीम के साथ दौरा करने के बाद सिंचाई विभाग के चीफ इंजीनियर से रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने रोहतक डिस्ट्रीब्यूटरी की खत्म हुई टेल को भी तलाशने का आदेश रोहतक डिवीजन के अधिकारियों को दिए हैं।

एडिशनल चीफ सेक्रेटरी गुरुवार को रोहतक दौरे पर थे। उन्होंने सिंचाई विभाग के रेस्ट हाउस में मातहत अधिकारियों के साथ मीटिंग के बाद क्षेत्र का दौरा किया। इस दौरान वे अधिकारियों के साथ माड़ौधी रांगड़ान स्थित डेराश्री दलेदास भीष्म परिसर पहुुंचे। जहां पर महंत डॉ. सूरजभान, बाबा रविंद्र दास, महासिंह, सत्यवान, सरपंच माड़ौधी कमल, पूर्व सरपंच रविंद्र बल्हारा व नेपाल ने ड्रेन नंबर-8 में नहरी पानी छुड़वाने की मांग उठाई। बताया कि इस ड्रेन के दोनों तरफ लगने वाले खेतों में फसलों की सिंचाई इसी के पानी से होती थी। लेकिन अब यह ड्रेन नाले में बदल चुकी है। इसमें केमिकल युक्त जहरीला पानी डाला जा रहा है।

सिंचाई के और साधन नहीं होने से किसान मजबूरी में इसका केमिकल युक्त पानी ट्यूबवेल से लिफ्ट करके खेतों में इस्तेमाल कर रहे हैं। इस पर एडिशनल चीफ सेक्रेटरी देवेंद्र सिंह ने मौके पर मौजूद सिंचाई विभाग के चीफ इंजीनियर अनिल मलिक, एसई दिनेश राठी, एक्सईएन रामनिवास से पड़ताल करते हुए इस बाबत रिपोर्ट मांगी है। कहा कि किसानों की डिमांड को नोटिस करते हुए ड्रेन नंबर-8 में मीठे पानी की आपूर्ति कराई जाए।

45 लाख से बिछेगी पाइप लाइन : एडिशनल चीफ सेक्रेटरी देवेंद्र सिंह के आदेश के बाद सिंचाई विभाग ने 45 लाख रुपए का प्रोजेक्ट तैयार किया है। इसके तहत बनियानी माइनर से बाबा के बाग तक करीब 9 हजार फीट लंबी 300 एमएम मोटाई की पाइप लाइन बिछाई जाएगी। इससे 642 एकड़ खेत की सिंचाई होगी। हालांकि किसानों की ओर से पाइप की मोटाई 350 एमएम करने की मांग रखी गई। इधर एक्सईएन रामनिवास ने बताया कि इसका टेंडर लगा दिया गया है। 25 अप्रैल से काम शुरू करने की तैयारी है। इस प्रोजेक्ट को 15 जुलाई 2022 तक पूरा किया जाना है।

ये है ड्रेन नंबर-8 : नई नाला ड्रेन गोहाना शहर के बाद सोनीपत रूट के नजदीक ड्रेन नंबर-8 बन जाती है। यहां इसकी जीरो आरडी है। इसके बाद यह रोहतक हाेते हुए जेएलएन के बाकराहेड की आरडी 235 पर खत्म हो जाती है। लेकिन जेएलएन के निर्माण से पहले ड्रेन नंबर-8 इसके आगे इंदिरा गांधी कैनाल के नाम से दादरी और महेंद्रगढ़ तक पानी की आपूर्ति करती थी। वर्ष 1975 से पहले इसमें मीठा पानी छोड़ा जाता था। लेकिन बाद में सिंचाई विभाग की ओर से इसकी उपेक्षा कर दी गई। यही वजह है कि इसके आसपास बसे शहर व औद्योगिक इकाइयों का कचरा इसमें बहाया जाने से फिलहाल यह गंदे नाले में तब्दील हो गई है।

सिंहपुरा में बंद पड़ी है रोहतक डिस्ट्रीब्यूटरी
वर्तमान में रोहतक डिस्ट्रीब्यूटरी सिंहपुरा गांव में बंद पड़ी है। दोबारा इसे 3 किलोमीटर आगे बढ़ाकर ड्रेन नंबर-8 के साथ लगते गांव कुताना, गद्दीखेड़ी और सिंहपुरा के किसानों को खुशहाल किया जा सकता है। सिंहपुरा में इस माइनर का खाला बरकरार है। आगे टेल कटने के 16 वर्ष बाद भी इसके निशान मिलते हैं। किसानों द्वारा यह मुद्दा उठाए जाने के बाद एडिशनल चीफ सेक्रेटरी देवेंद्र सिंह ने रोहतक डिस्ट्रीब्यूटरी की भी रिपोर्ट मांगी है।

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