ITI में शुरू होंगे ये दो नए कोर्स: अब ड्रोन उड़ाना और ठीक करना सीखेंगे विद्यार्थी; प्रदेश की 414 ITI में 72 कोर्स

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प्रदेश के राजकीय आईटीआई के विद्यार्थी जल्द ही ड्रोन को उड़ाते नजर आएंगे व ड्रोन मैकेनिक भी बनेंगे। इंडस्ट्री में ड्रोन के बढ़ते प्रचलन को देखते हुए भारत सरकार श्रम मंत्रालय ने देश भर के राजकीय आईटीआई में ड्रोन मकैनिक ड्रोन ऑपरेटर से संबंधित नए कोर्स चलाने का फैसला लिया है। ये दो शुरू ड्रोन सर्विस टैक्नीशियन, ड्रोन मैनुफैक्चरिंग एंड एसेंबलीकौशल कोर्स होंगे।

विकास एवं उद्योग प्रशिक्षण विभाग ने पत्र जारी कर प्रदेश के सभी राजकीय आईटीआई से ड्रोन कोर्स शुरू करने के संबंध में आवेदन मांगे हैं। इसमें केवल वही आईटीआई आवेदन कर सकते हैं जिनका ग्रेड दो से ज्यादा हो और वे नोडल राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान हो।

विभाग द्वारा जारी किए गए पत्र में यह भी आदेश दिए गए हैं कि केवल वही संस्थान इस तरह के कोर्स शुरू कर सकते हैं, जिनमें कंप्यूटर हार्डवेयर एंड नेटवर्किंग, इलेक्ट्रॉनिक मैकेनिक, मकैनिक इलेक्ट्रॉनिक्स अप्लायंस, इनफॉरमेशन एंड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी मेंटेनेंस, इलेक्ट्रीशियन, टेक्नीशियन मैकट्रोनिक्स में किसी भी कोर्स से डीजीइटी व विभाग से एनसीवीटी में एफिलिएशन करवाया गया हो।

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प्राेफार्मा में मांगी कई बिंदुओं की जानकारी

जिला नोडल अधिकारी सतीश मच्छाल ने बताया कि निदेशालय द्वारा ड्रोन ट्रेनिंग के अल्पकालीन और दीर्घकालीन को शुरू करने के लिए निर्धारित प्रोफार्मा में मांग की गई है। राजकीय आईटीआई कैथल द्वारा कोर्स शुरू करने के लिए आवेदन किया गया है। यदि विभाग द्वारा इसकी अनुमति मिल जाती है तो जल्द ही यह को शुरू होने की संभावना जताई जा रही है।

कोर्स चलाना रहेगा आसान

प्रदेश के राजकीय आईटीआई में इस कोर्स अधिकतर टूल उपकरण आसानी से मुहैया होने के चलते यह कोर्स आसानी से चलाए जा सकते हैं। विभाग द्वारा इससे संबंधित जिन कोर्सों का हवाला दिया गया है उनमें व इस कोर्स में काफी समानता देखी जा सकती है। ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि विभाग द्वारा यह प्रक्रिया जल्द ही पूरी करने उपरांत जुलाई-अगस्त में होने वाले आगामी शैक्षणिक सत्र से इस तरह के कोर्स चलाए जाने का अनुमान है।

प्रदेश में 414 आईटीआई

कौशल विकास एवं उद्योग प्रशिक्षण विभाग द्वारा प्रदेश भर में 414 राज्य और प्राइवेट आईटीआई चलाए जा रहे हैं। इन आईटीआई में करीब 72 से अधिक इंजीनियरिंग और नॉन इंजीनियरिंग कोर्सों को संचालित किया जा रहा है। हालांकि इनमें से अधिकतर आधुनिक कोर्स है, लेकिन इसके बावजूद अभी तक प्रदेश के आईटीआई में ड्रोन से संबंधित कोई कोर्स न होने के कारण विद्यार्थियों को इस कोर्स की कमी खल रही थी।

अब वर्तमान इंडस्ट्री में ड्रोन का प्रयोग बढ़ता जा रहा है। ऐसे में भारत सरकार एवं श्रम मंत्रालय ने प्रदेश के युवाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए आईटीआई में यह कोर्स चलाने का निर्णय लिया है। हालांकि हाल ही में इस तरह के कोर्स राजकीय बहुततकनीकी संस्थानों में भी चलाने का ऐलान किया गया था, लेकिन अभी तक नहीं चल पाए हैं।

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